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Aspak Saiyad@aspaksaiyad1Creator
तुम्हारी तस्वीर में अपनी तस्वीर मिलाऊँगा, कि तुम्हारी तक़दीर में अपना थोड़ा-सा नसीब मिलाऊँगा। तुम जब-जब छुओगी इस दुनिया की हसीन हवाओं को, तो मैं इन हवाओं में थोड़ी-सी मोहब्बत मिलाऊँगा। और जब-जब तुम्हारी आँखों से आँसू गिरने लगेंगे, तो तब-तब मैं तुम्हारे होंठों पर थोड़ी-सी हँसी सजाऊँगा। और जब-जब तुम सोने लगो रातों में, तब-तब मैं तुम्हारी ख़ूबसूरत नींदों में थोड़ा-सा ख़्वाब मिलाऊँगा।

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