A
Aspak Saiyad@aspaksaiyad1Creator
बाँटना है तो मोहब्बत के फूल बाँटो,
नफ़रतों के काँटों में क्या रखा है?
मिलना है तो गले मिलो,
दूर जाने में क्या रखा है?
मैं कहता हूँ, किसी एक का नहीं है भगवान,
वो हर एक दिल में अलग-अलग नाम से बसा है।
अगर समझना है तो हर दिल को समझो,
एक दिल को समझने में क्या रखा है?Related
View allComments
No comments yet.