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Sofiya..... princess@sd2979142Dialogbaaz
हमने खामोशी को भी एक अंदाज़ बना लिया, जो कहना था दिल से, उसे अल्फ़ाज़ बना लिया। लोग पूछते रहे कि आखिर बदले क्यों नहीं, हमने हर दर्द को जीने का राज़ बना लिया। अब किसी से कोई शिकायत भी नहीं रही, जिसे अपना समझा, उसे यादों में रख लिया।

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