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Jayanti Jha@jhaj8672Creator
बता दो तूफ़ानों से कि दीप जलते रहेंगे, शहीदों के लहू से ये चराग़ चलते रहेंगे। जब तक धड़कता है सीने में एक भी अरमान, तिरंगे की आन पे हम सर कटाते रहेंगे।

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