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Anmol Singh@unde657Syahi
जब हवा में लहराता है तिरंगा, तो हर साँस में भर जाता है फ़ख़्र का रंग। हिमालय की चोटी से सागर की लहरों तक, बस एक ही नाम गूँजता है भारत। जिन वीरों ने अपना लहू देकर इस मिट्टी को चंदन बनाया, आज हम उनके क़दमों में अपना सिर झुकाते हैं। आओ कसम खाएँ, नफ़रत की दीवारें गिराकर प्यार का दामन थामें, और अपने भारत को आसमान की बुलंदी तक ले जाएँ। भारत माता की जय, वंदे मातरम्, जय हिंद!
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