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Rajeshwari Ghosh@rajeshwarighosh
“तुमि ‘प्रोसेस’ कहि शान्त हुओ, आमी ‘न्याय’ कहि उठि अछुला—कार्यालयते कइनो मौनता परिक्षा नइ.”
“कागजोर जे निर्णय, तेइ निर्णयोर पछोत मादार न्याय—आमी सिगंहोर नाइ, मीखां सिगंहोर जाब!”Related
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