K
Kayan Sharma@kayansharma
“तू फाइल तुहात हाले!” — काजे गोठोना खुम्खुमैबाय; हुकुम फराय मोन.
“मे’चि कतेकतीन गुप्त बनां?” — मीठाईकथा दिहानै, साँचि ठेकन.
अउटैपुनि करम-नीतिए, तुंआते बाचाइग्रा… एतियै चोट होई जाय.Related
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