S
Sofiya..... princess@sd2979142Maestro
तेरे ही एहसास में जलकर भी देख लिया,
खुद को तेरे नाम से ढलकर भी देख लिया।
एक तेरे होने का भरम था दिल के अंदर,
उस भरम को सच समझकर भी देख लिया।
माँगी थी मोहब्बत हमने झुक-झुक कर बहुत,
आँखों से अपनी अश्क बहाकर भी देख लिया।
कोई नहीं सुनता यहाँ टूटे दिल की सदा,
हमने हर दर पे जाकर भी देख लिया।
जिसको चाहा था जान से ज्यादा कभी,
उसे अपना बनाकर भी देख लिया।*
फिर भी खाली ही रहा ये दिल का जहाँ,
सब कुछ पाकर भी खोकर भी देख लिया।Sponsored
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