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Sofiya..... princess@sd2979142Maestro
तेरे ही एहसास में जलकर भी देख लिया, खुद को तेरे नाम से ढलकर भी देख लिया। एक तेरे होने का भरम था दिल के अंदर, उस भरम को सच समझकर भी देख लिया। माँगी थी मोहब्बत हमने झुक-झुक कर बहुत, आँखों से अपनी अश्क बहाकर भी देख लिया। कोई नहीं सुनता यहाँ टूटे दिल की सदा, हमने हर दर पे जाकर भी देख लिया। जिसको चाहा था जान से ज्यादा कभी, उसे अपना बनाकर भी देख लिया।* फिर भी खाली ही रहा ये दिल का जहाँ, सब कुछ पाकर भी खोकर भी देख लिया।
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Guru@gccramgarh
जब मुझे अस्वीकार किया गया, मेरी हँसी उड़ाई गई, मेरे शुभ संकल्पों पर भी ऊंगली उठाई गई। मैं मौन रहा, बस मन में ठान लिया, जवाब शब्दों से नहीं दिया और कर्मों का संज्ञान लिया। किया नहीं कभी किसी का विरोध है। क्योंकि सफलता ही सर्वोत्तम प्रतिशोध है। न तिरस्कार की अग्नि में मैं जला, ना ही प्रतिहिंसा के पथ पर मैं चला। निरर्थक वाद-विवाद से दूरी बनाई, दूसरों की भूलों से शिक्षा पाई। मुस्कुराने का प्रयास किया, किसी पर भी किया नहीं कभी क्रोध है, क्योंकि सफलता ही सर्वोत्तम प्रतिशोध है। जहाँ लोग चाह रहे थे मुझे गिरते देखना, वहीं मैंने सीखा स्वयं को सँभालते रहना। अब जब सफलता ने द्वार खटखटाए, वे सब चेहरे स्वयं को छिपाते नज़र आए। मेरे विरोधियों को भी सत्य पथ दिखा, विश्वास कीजिए इस बात का अत्यधिक प्रमोद है। क्योंकि सफलता ही सर्वोत्तम प्रतिशोध है। ना कोई ताना, ना कोई अहंकार हो, मेरा यह सपना, उज्ज्वल साकार हो। ’सुशील’ सभ्य, सुशिक्षित, सदाचारी बने सब, हर क्षण जग में अच्छा व्यवहार हो। इस बात पर अब ना कोई अंतर्विरोध है, क्योंकि...
2/26/2026
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Neha Lovely@nehalovely84
“ज़िंदगी आसान नहीं होती, लेकिन मजबूत लोग ज़िंदगी को आसान बना लेते हैं। हर सुबह एक नया इम्तिहान लेकर आती है, और हर रात पूछती है – आज कितना सीखा?” लोग आपको तब तक नहीं समझेंगे, जब तक आप सफल नहीं हो जाते। और जब आप सफल हो जाओगे, तब वही लोग कहेंगे – मुझे पहले से भरोसा था। सच ये है कि कोई भी आपके संघर्ष को नहीं देखता, सब सिर्फ नतीजे देखते हैं। इसलिए शिकायत कम करो और मेहनत ज़्यादा। अगर आज रास्ता कठिन लग रहा है, तो समझ लो आप सही दिशा में हो। क्योंकि आसान रास्ते अक्सर भीड़ की तरफ जाते हैं, और मुश्किल रास्ते आपको आपकी मंज़िल तक पहुँचाते हैं। याद रखना, हर बार गिरना हार नहीं होता। हार तब होती है जब आप उठने से इनकार कर देते हो।
1/6/2026
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Ajit Pandey@signonajit
रतन टाटा: इज़्ज़त पैसे से बड़ी होती है” — एक Anchor Voice Script के रूप में, ऐसी भाषा और टोन में जो दिल और रूह दोनों को छू जाए, वीडियो लंबाई लगभग 3.5 मिनट, “Viral VID” स्टाइल में। 🎵 (Background: धीमा पियानो + हल्का इंडियन स्ट्रिंग म्यूज़िक, बाद में भावनात्मक उभार) “रतन टाटा: इज़्ज़त की कीमत” कभी-कभी ज़िंदगी हमें ऐसे मोड़ पर ले आती है, जहाँ शब्द नहीं… सिर्फ़ चुप्पी जवाब बन जाती है। ये कहानी है उस शख्स की, जिसने साबित किया कि इज़्ज़त पैसे से बड़ी होती है… जिसका नाम है — रतन टाटा। साल था 1999… टाटा मोटर्स अपनी पहली कार “इंडिका” बनाने की कोशिश में थी। लेकिन रास्ता आसान नहीं था। कंपनी को भारी नुकसान हो रहा था, और दुनिया के सामने सब कह रहे थे — “टाटा ग्रुप अब कार नहीं
10/28/2025

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