Punchlinerdeepchandra presents

हम चुप होकर तुम्हें सुन इसलिए रहे हैं ताकि पूरी तरह से तुम्हें पहचान पा सके और जब बोले तो इतना बोल कि तुम्हें तुम्हारी औकात याद दिला सके. धन्यवाद

A Punchline by Deepchand

@rdeepchandra ·

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@jk800231 · · Shayari

A jk800231 Shayari

मेरी ख़ामोशी को कमज़ोरी समझना, तुम्हारी सबसे बड़ी ग़लती है। हम वहाँ भी अकेले खड़े रहे, जहाँ लोग अपने साये से डरते हैं। इज़्ज़त माँगी नहीं जाती, किरदार से कमाई जाती है। मेरा वक़्त ख़राब है, किरदार नहीं। हम बदलते नहीं, बस लोगों को उनकी जगह दिखा देते हैं। जो हमें समझ नहीं सके, उन्हें सफ़ाई देने का शौक़ नहीं हमें।

Starring @jk800231

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