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Jayanti Jha@jhaj8672Creator
सूरज तो सबके लिए उगता है, मगर ज़ालिमों के लिए मैं खुद एक सूरज हूँ। मेरी आँखों की चमक तुम्हारी आखिरी सुबह का ऐलान है। जिस दिन मेरा साया तुम पर पड़ेगा, उस दिन तुम्हारी शाम फिर कभी नहीं आएगी।Related
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