AAbhay Rao@abhayrao4293CreatorFollowबिनाश्कले विपरीत बुध्दिTruthHindi312See who reacted (312)RelatedView allAanup kumar@anupsarswatcसच्चाई एक ना एक दिन सामने आ ही जाती है ! 2d ago16RRadhesh Pandey@pandeyradhesMaestroसफेद वस्त्र के बीज काली मां सरलता से दिखाई दे जाती है3d ago77CChandra@chandramohanSyahiअसली सना तब मिलता है, जब बीघाल के खाद से अलग होता है असली इन्सान तब मिलता है जब गलती को समोजकर गलती सुधार ता है....4d ago230CChandra@chandramohanSyahiजब खुद का साबित खुद ना कार पाते हो तो..... दुनिआ से साबित क्या चाहते हो......4d ago147JJayanti Jha@jhaj8672Creator"बाहर तूफान हो तो खिड़कियाँ बंद की जा सकती हैं... लेकिन जब आग घर के अंदर ही लगी हो, तो बचकर जाओगे कहाँ? आज के सफर का यही सच है—गैरों से कतरा के निकले थे, अपनों का शिकार हो गए।"5d ago22SSonu@shashi.1547Maestroरौशनी को क्यों कोसें साहब, कुछ लोग तो दिन के उजाले में भी धोखा दे जाते हैं... 💔6d ago97SSonu@shashi.1547Maestroइंसान को बुरा वक्त ही सिखाता है कि अच्छा वक्त किसके साथ बिताना है ।6d ago50SSonu@shashi.1547Maestroरिश्तों की भीड़ में मत खोना ऐ दिल, अपने कहलाने वाले ही अक्सर ज़हर घोलते हैं..! 🥺8/24/2026328CommentsPostNo comments yet.