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Jayanti Jha@jhaj8672Creator
"बाहर तूफान हो तो खिड़कियाँ बंद की जा सकती हैं... लेकिन जब आग घर के अंदर ही लगी हो, तो बचकर जाओगे कहाँ? आज के सफर का यही सच है—गैरों से कतरा के निकले थे, अपनों का शिकार हो गए।"

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