Monologuemehndikhan12 presents

तुम्हारा सकून मैं नहीं हो तुम्हारा सकून तुम्हारा परिवार है और परिवार में मैं नहीं आती

A Monologue by Mehndi Khan

@mehndikhan12 ·

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SatveerMaestro
@satveerji · · Shayari

A satveerji Shayari

💔🥀*मैं किस से कहूँ कि घुट रहा हूँ...* मैं किस से कहूँ कि मुझे कितना दर्द है ! *मैं किस से कहूँ कि हार रहा हूँ...* मैं किस से कहूँ कि थक रहा हूँ! *मैं किस से कहूँ कि आराम चाहिऐ...* मैं किस से कहूँ कि रोना चाहता हूँ! *मैं किस से कहूँ कि मन मर रहा है...* मैं किस से कहूँ कि मन डर रहा है! *मैं, मैं, मैं किस से कहूँ!! किस से कहूँ!!*💔🥀

Starring @satveerji

@jk800231 · · Shayari

A jk800231 Shayari

मैं ज़िंदा तो हूँ, मगर पहले जैसा बाक़ी नहीं हूँ। कुछ रातें नींद नहीं, इंसान का सुकून निगल जाती हैं। हम ख़ुद से मिले तो पता चला, हम कितने अकेले हैं। कभी-कभी इंसान को किसी की नहीं, अपने पुराने वजूद की तलाश होती है। सबसे मुश्किल विदाई वो है, जिसमें इंसान सामने हो और रिश्ता ख़त्म। हम ठीक होने का नाटक करते-करते दर्द छुपाने में माहिर हो गए।

Starring @jk800231

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