Shayarishivamk80263 presents

शिवम नाम ही काफी है, पहचान की ज़रूरत नहीं। हम वहाँ खड़े होते हैं, जहाँ लोग पहुँचने का सपना देखते हैं। दुश्मन चाहे जितने हों, हौसला कभी कम नहीं होता। वक्त आने दो, नाम भी गूँजेगा और काम भी दिखेगा।

A Shayari by Shivam Kumar

@shivamk80263 ·

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@jk800231 · · Shayari

A jk800231 Shayari

मेरी ख़ामोशी को कमज़ोरी समझना, तुम्हारी सबसे बड़ी ग़लती है। हम वहाँ भी अकेले खड़े रहे, जहाँ लोग अपने साये से डरते हैं। इज़्ज़त माँगी नहीं जाती, किरदार से कमाई जाती है। मेरा वक़्त ख़राब है, किरदार नहीं। हम बदलते नहीं, बस लोगों को उनकी जगह दिखा देते हैं। जो हमें समझ नहीं सके, उन्हें सफ़ाई देने का शौक़ नहीं हमें।

Starring @jk800231

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