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Shailesh Singh@coachsks2025
क्षमा कर देने से खुशी मिलती है जबके है"।
अंहकार से केवल बदनामी ही प्राप्त होती
जिसके संपर्क में आने पर लोग अपनों को
ही भूल जाते हैं उसे अंहकार कहते हैं और
जिसे पाकर लोग अपनों और परायों को याद
करने में आनन्द का अनुभव करते हैं उसे क्षम
कहते है।
कहते हैं कि जिस प्रकार कपडे से छाना हआ
पानी हमारे स्वास्थ्य को ठीक रखता हैं ठीक
उसी प्रकार विवेक से कही हई वाणी हमारे
संबंधों को ठीक रखती है।।
ध्यान रहे कि प्रेम और आस्रओं की पहचान
भले ही अलग-अलग होती है किन्त दोनों का
गोत्र एक ही होता है जिसे कि हृदय कहते हैं
जो कि अत्याधिक विचित्र होता है।।!Sponsored
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