RRaj Shakya@rajshakya967FollowJahan alfaaz sharaab ban jaate hain, wahi to hai shayar ki mehfilPoetryHindi76See who reacted (76)RelatedView allSSonu@shashi.1547Maestroबहुत देर से रुकी हुई है अधूरी कहानी मेरी ... रख के हाथ कागज़ पर कहीं वो खो गया सा है...!!8h ago67SSonu@shashi.1547Maestroआज कोई गज़ल तेरे नाम ना हो जाए आज कही लिखते लिखते शाम ना हो जाए 2d ago182VVirendra@virendrakusrAawazsuraj se aankh milaya karte te yez dhoop thujhe dekhne aaya karte te. fekkar patthar jheel me paani hum teri tasveer banaya karte te 2d ago194CChandra@chandramohanSyahiदुलालायाम जाहाय, कासाहयाम चा:...????4d ago32AAman Giri@aman563274बजने दो वो धुन, जो लफ़्ज़ों से ज़्यादा कह जाए8/21/202678Ppari@pari0208Creator🌙 रात खामोश है, चाँद भी रोशन है, नींद की आगोश में खो जाने का मौसम है। जो भी ग़म हैं, उन्हें आज भूल जाना, कल फिर एक नई सुबह के साथ मुस्कुराना।💫 Good Night 🌙❤️8/16/2026121NNature beauty@tamangsan62Creatorkal kavi nahi aayega, uske alfaaz aaj hi keh do jo dil mein hai8/3/2026204SShailesh Singh@coachsks2025क्षमा कर देने से खुशी मिलती है जबके है"। अंहकार से केवल बदनामी ही प्राप्त होती जिसके संपर्क में आने पर लोग अपनों को ही भूल जाते हैं उसे अंहकार कहते हैं और जिसे पाकर लोग अपनों और परायों को याद करने में आनन्द का अनुभव करते हैं उसे क्षम कहते है। कहते हैं कि जिस प्रकार कपडे से छाना हआ पानी हमारे स्वास्थ्य को ठीक रखता हैं ठीक उसी प्रकार विवेक से कही हई वाणी हमारे संबंधों को ठीक रखती है।। ध्यान रहे कि प्रेम और आस्रओं की पहचान भले ही अलग-अलग होती है किन्त दोनों का गोत्र एक ही होता है जिसे कि हृदय कहते हैं जो कि अत्याधिक विचित्र होता है।।!8/2/2026164CommentsPostNo comments yet.