Monologuepari0208 presents

किसी के जाने से ज़िंदगी नहीं रुकती, बस कुछ आदतें बदल जाती हैं। जो अपना था, वो कभी छोड़कर नहीं जाता, और जो छोड़ जाए, वो कभी अपना नहीं होता। इसलिए अब किसी से नहीं, बस अपने रब से उम्मीद रखती हूँ। वहीं कभी साथ नहीं छोड़ता।

A Monologue by pari

pariCreator
@pari0208 ·

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@aspaksaiyad1 · · Shayari

A aspaksaiyad1 Shayari

न फ़लक से माँगूँगा, न ज़मीं से माँगूँगा, माँगूँगा तो ऐ रब, मैं तुझसे माँगूँगा। चाहे तू मुझे कितना भी ज़मीं पे गिरा दे, मगर मैं फिर भी तेरे सामने, अपना सर झुकाकर माँगूँगा।

Starring @aspaksaiyad1

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