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Aspak Saiyad@aspaksaiyad1Creator
न फ़लक से माँगूँगा, न ज़मीं से माँगूँगा, माँगूँगा तो ऐ रब, मैं तुझसे माँगूँगा। चाहे तू मुझे कितना भी ज़मीं पे गिरा दे, मगर मैं फिर भी तेरे सामने, अपना सर झुकाकर माँगूँगा।

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