A
Amara Kumar@amarakumar1393
मुझे खुशी नहीं दी जाती—मैं उसे छीनकर मुस्कुराना सीखती हूँ। तुम्हारे “नहीं हो पाएगा” से मैं नहीं डरती, मैं अपनी किस्मत का शोर बना देती हूँ। आज मैं जीत रही हूँ, क्योंकि मेरे भीतर हारने का ठेका कभी था ही नहीं।

Related

View all

Comments

No comments yet.