Punchlinesumanareddy3022 presents

बचपन की गल्ली जिड़े/उदे याद आवे, ते मैं मुस्कान दा नकाब लाह के फिर आँसू पिरोई दियां। तू दूर होई गए, पर तेरी गंध मेरे अंदर नजदीक रह गई—इत्थे नॉस्टाल्जिया दा सच जलदा ऐ।

A Punchline by Sumana Reddy

@sumanareddy3022 ·

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@jk800231 · · Shayari

A jk800231 Shayari

हमारे कुछ गुनाहों की सज़ा भी साथ चलती है हम अब तन्हा नहीं चलते दवा भी साथ चलती है अभी ज़िन्दा है माँ मेरी मुझे कुछ भी नहीं होगा मैं जब घर से निकलता हूँ दुआ भी साथ चलती है

Starring @jk800231

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