Shayarijk800231 presents

हमारे कुछ गुनाहों की सज़ा भी साथ चलती है हम अब तन्हा नहीं चलते दवा भी साथ चलती है अभी ज़िन्दा है माँ मेरी मुझे कुछ भी नहीं होगा मैं जब घर से निकलता हूँ दुआ भी साथ चलती है

A Shayari by junaid khan

@jk800231 ·

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@pradumkr8182 · · Shayari

A pradumkr8182 Shayari

❤️❤️❤️दूर जिनसे होना था पास जा के बैठे हो.. 🌹🌹चिट्टियां जलानी थी घर जला के बैठे हो... 💖💖💖 ❤️❤️❤️❤️... 🌹🌹🌹🌹🌹उम्र यह तुम्हारी है जिंदगी बनाने की 👍👍👍तुम हो की दीवारों पर दिल बनकर बैठे हो😪😪😪🌹🌹🌹🌹 💫💫💫 राइटर प्रदुम कुमार मौर्य वाराणसी

Starring @pradumkr8182

@aspaksaiyad1 · · Shayari

A aspaksaiyad1 Shayari

ऐ फ़लक, तू आ ज़मीं पर, तुझको मेरे दिल ने पुकारा है। तू कहता है, कैसे आ जाऊँ तेरे घर, तेरा हुजरा तो छोटा है। मैं कहता हूँ, ऐ फ़लक, भले मेरा हुजरा छोटा है, मगर मेरा दिल तो बहुत बड़ा है।

Starring @aspaksaiyad1

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