
मकान मालिक का डरावना सच
The Premise
आरव ने दीवार पर अपनी तस्वीर देखकर पीछे हटना शुरू किया। तभी तस्वीर में उसकी आँखें खुल गईं। आरव डरकर चिल्लाया—“ये क्या है?” पीछे से रघुवीर की आवाज़ आई— “अब तुम्हें सच जानना ही होगा…” रघुवीर ने बताया कि इस घर में जो भी किरायेदार आता है, कुछ दिनों बाद उसकी तस्वीर उस दीवार पर आ जाती है। आरव ने पूछा— “और उसके बाद?” रघुवीर चुप रहा। अचानक कमरे की सारी लाइटें बंद हो गईं। अंधेरे में एक आवाज़ आई— “रघुवीर… अब तुम्हारा समय खत्म हुआ।” आरव ने टॉर्च जलाई। रघुवीर गायब था। और दीवार पर उसकी तस्वीर के नीचे लिखा था— “पूर्व मकान मालिक।” तभी आरव के पीछे दरवाज़ा अपने-आप बंद हो गया…
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Community POVs
आरव
aragovic kirae ke liye Kamra milta hai use kamre mein bacha kar dekhta hai to usi ki tasvir lagi hui thi yah dekhkar vah darta tha aur jakar ke Makan Malik se puchta hai ki yah kiski photo hai Makan Malik use batata hai yah yahan ka Purana kiraedar tha Jo aaj se 20 sal pahle is kamre mein Raha Karta tha bahut hi achcha raha tha uski maut ek kar accident mein ho gai aur aaj tumhen dekh kar lagta hai ki Jaise vah ladka a gaya hai
@chandusubhag
मेरा नाम आरव है और इस वक्त मैं एक सुनसान हवेली में फँसा हुआ हूँ। मुझे नहीं पता मैं यहाँ कैसे आया। बस इतना याद है कि रात में मेरी बाइक जंगल के बीच अचानक बंद हो गई थी। बारिश बहुत तेज़ हो रही थी और दूर मुझे एक पुरानी हवेली दिखाई दी। मैं मदद की उम्मीद में उसके अंदर चला गया। जैसे ही मैं अंदर गया, पीछे का दरवाज़ा अपने आप बंद हो गया। मैंने उसे खोलने की बहुत कोशिश की, लेकिन दरवाज़ा हिला तक नहीं। तभी ऊपर की मंज़िल से किसी बच्चे के हँसने की आवाज़ आई। मुझे लगा शायद हवेली में कोई रहता है। मैं धीरे-धीरे सीढ़ियाँ चढ़कर ऊपर पहुँचा। वहाँ एक लंबा गलियारा था और उसके आखिर में एक कमरा। कमरे के अंदर एक पुरानी कुर्सी और सामने एक बड़ा सा आईना था। मैं जैसे ही आईने के सामने पहुँचा, मेरे होश उड़ गए। आईने में मेरे पीछे एक छोटी लड़की खड़ी थी। मैंने तुरंत पीछे मुड़कर देखा, लेकिन वहाँ कोई नहीं था। मैंने दोबारा आईने में देखा तो वो लड़की अब मेरे बिल्कुल पास खड़ी थी। उसका चेहरा काला था और उसकी आँखें पूरी तरह सफेद थीं। मैं डरकर कमरे से बाहर भागा। तभी नीचे से दरवाज़ा बंद होने की आवाज़ आई। मैंने मोबाइल की टॉर्च जलाई और नीचे जाने लगा। तभी दीवार पर लगी एक पुरानी तस्वीर पर मेरी नजर पड़ी। तस्वीर में वही हवेली थी और उसके सामने एक परिवार खड़ा था। लेकिन तस्वीर के कोने में जो इंसान खड़ा था, उसे देखकर मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। वो मैं था। तभी मेरे पीछे से किसी ने धीरे से मेरा नाम पुकारा, “आरव...” आवाज़ बिल्कुल मेरी अपनी थी। मैं धीरे-धीरे पीछे मुड़ा। वही लड़की मेरे सामने खड़ी थी। उसने मुस्कुराते हुए कहा, “तुम बहुत देर से आए हो।” अचानक हवेली की सारी लाइटें जल उठीं और हर कमरे में वही लोग दिखाई देने लगे जो उस तस्वीर में थे। सभी मुझे घूर रहे थे। मैं दरवाज़े की तरफ भागा और इस बार दरवाज़ा खुल गया। मैं पूरी ताकत से बाहर निकला, लेकिन बाहर जंगल नहीं था। वहाँ फिर वही हवेली थी। मैं दूसरी तरफ भागा, लेकिन फिर वही हवेली। तीसरी बार भागा, फिर वही हवेली। तभी मेरे कान के पास किसी ने फुसफुसाकर कहा, “आरव... पीछे मत देखना।” लेकिन मैं खुद को रोक नहीं पाया। मैंने पीछे देखा और वहाँ मैं खुद खड़ा था। उसकी आँखें पूरी तरह काली थीं। उसने मुस्कुराकर कहा, “अब तुम बाहर जा सकते हो... क्योंकि अब मैं तुम्हारी जगह ले चुका हूँ।” उसके बाद मुझे कुछ याद नहीं। अगली सुबह जंगल के किनारे मेरी बाइक मिली, लेकिन मैं कभी नहीं मिला। और आज भी उस हवेली के अंदर रात के समय किसी की आवाज़ सुनाई देती है, जो बस एक ही बात कहती है... “आरव... वापस आ जाओ...”
@shivrajbhoiw
एकान्त रात, चिसो हावा, अनि मनभरी तिम्रा सम्झना, आज पनि निद्रा टाढै छ !! N.b.s..😭🌙
@nirakshahi00