Shayariaspaksaiyad1 presents

हर सांस से पहले एक नई सांस लिखूँगा। हर आने वाली सुबह से पहले एक नई शाम लिखूँगा। लोग मेरे नाम से नहीं, मेरे काम से पहचानेंगे। ऐसी मैं अपनी एक नई पहचान लिखूँगा। और हर दिल में बस जाए, हर दिल को छू जाए। एक मैं ऐसा सच्चा एहसास लिखूँगा।

A Shayari by Aspak Saiyad

@aspaksaiyad1 ·

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Runa DiveCreator
@runadive92 · · Shayari

A runadive92 Shayari

ना ताज चाहिए, ना कोई दरबार चाहिए, हमें तो बस अपनी मेहनत का नाम चाहिए। 💯 दुनिया लाख कोशिश करे हमें झुकाने की, हम वो खिलाड़ी हैं जिन्हें सिर्फ खुद पर विश्वास चाहिए। 🦁🔥

Starring @runadive92

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