S
Sofiya..... princess@sd2979142Maestro
दर्द इतना खामोश है कि आवाज़ नहीं देता, आँसू इतने गहरे कि चेहरे पर आता नहीं। जिनकी कसमें थीं जीने-मरने की कभी, आज वही पास से गुज़रे तो पहचानते नहीं।Related
View allComments
No comments yet.
दर्द इतना खामोश है कि आवाज़ नहीं देता, आँसू इतने गहरे कि चेहरे पर आता नहीं। जिनकी कसमें थीं जीने-मरने की कभी, आज वही पास से गुज़रे तो पहचानते नहीं।No comments yet.