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Aspak Saiyad@saiyadaspak1Aawaz
ऐ मालिक, तेरी रहमतों का कोई हिसाब नहीं,
मेरी तक़दीर में तूने जो लिखा है उसका कोई जवाब नहीं।
मैं ढूँढता रहा जन्नत ज़मीं के हर कोने में,
मगर वो तो मेरी माँ के क़दमों के सिवा कहीं नहीं।Related
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