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Sofiya..... princess@sd2979142Maestro
उम्र भर हिसाब-किताब में उलझे रहे, अपनी खुशियाँ छोड़ औरों के कर्ज़ में बँटते रहे, हर किसी ने मतलब से तराशा हमें, और हम नादान, बस दिल लगाने की जिद में लगे रहे !Related
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उम्र भर हिसाब-किताब में उलझे रहे, अपनी खुशियाँ छोड़ औरों के कर्ज़ में बँटते रहे, हर किसी ने मतलब से तराशा हमें, और हम नादान, बस दिल लगाने की जिद में लगे रहे !No comments yet.