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Sofiya..... princess@sd2979142Maestro
भरोसा किस पे करूँ इस भीड़ में, हर लफ्ज़ यहाँ झूठ में लिपटा मिलता है। अपना कौन पराया कौन कैसे जानूँ, हर चेहरे के नीचे एक नया नकाब मिलता है।

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