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Anu Varma@anuvarma689Creator
पहले वादों की बारिश करते हो, फिर पाकर मुझे शरीफ बन जाते हो, ये कैसा प्यार है तुम्हारा, जो मंज़िल पाते ही रास्ता भूल जाते हो

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