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Utkarsh Shukla@shuklau594Syahi
दोहरे मापदंडों की इस लाचारी पर, तंत्र यहाँ लाचार खड़ा,
ईमानदार जो फर्ज निभाए, उस पर ही आघात बढ़ा।
नकल माफिया सीना ताने, कानून बना है मोहरा आज,
कैसा यह सुधार शिक्षा का, जहाँ व्यवस्था का ढोंग बड़ा!Related
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