A
Aspak Saiyad@saiyadaspak1Syahi
मैं हवाओं की तरह तेरे हर तरफ मंडराऊँगा,
कि सूरज की पहली किरण बनके तेरे होठों को चूम जाऊँगा।
मुझे तुझसे दूर न समझना, ऐ मोहब्बत,
मैं तेरी परछाईं बनके तेरे कदम से कदम मिलाऊँगा।Related
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मैं हवाओं की तरह तेरे हर तरफ मंडराऊँगा,
कि सूरज की पहली किरण बनके तेरे होठों को चूम जाऊँगा।
मुझे तुझसे दूर न समझना, ऐ मोहब्बत,
मैं तेरी परछाईं बनके तेरे कदम से कदम मिलाऊँगा।No comments yet.