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Garvit Jain@jaingarvit42
वो हाथों में हाथ थामकर नई राह चल रही थी, खामोशी में हजारों बातें कह रही थी। काश तू सुनता, तो सुनाती दिल का हाल, जिंदगी वारती तुझ पर, बस थोड़ा सब्र तू करता। इश्क यूं बदनाम ना होता, तू साथ निभाता तो मैं तेरे पास होती। पर वक्त ने मोड़ बदला, तू किसी और का महबूब हुआ, और मैं चांद की तनहा चांदनी बनकर रह गई, मेरी मोहब्बत की कहानी यहीं खत्म हो गई।

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