Monologuerdeepchandra presents

भूतकाल में घटी हुई दुखद घटनाएं और दूर तक भविष्य में कुछ बुरा ना हो इसका भय बस इन्ही दो बातों में मन 75%फंसा रहने के कारण ना तो हम खुलकर मुस्कुरा पाते ना ही वर्तमान का सही लाभ उठा पाए इसीलिए अपने मन को भूत और भविष्य से हटकर पूरा मां वर्तमान में ही लगे और वर्तमान का सही लाभ उठाएं यही तो मनुष्य जीवन का सार है नहीं तो अगले पल अगर सांस थम गई तो सारा जीवन बेकार है आपको मेरा हृदय से नमस्कार है. धन्यवाद🌹❤️🙏

A Monologue by Deepchand

@rdeepchandra ·
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SatveerMaestro
@satveerji · · Shayari

A satveerji Shayari

💔🥀*मैं किस से कहूँ कि घुट रहा हूँ...* मैं किस से कहूँ कि मुझे कितना दर्द है ! *मैं किस से कहूँ कि हार रहा हूँ...* मैं किस से कहूँ कि थक रहा हूँ! *मैं किस से कहूँ कि आराम चाहिऐ...* मैं किस से कहूँ कि रोना चाहता हूँ! *मैं किस से कहूँ कि मन मर रहा है...* मैं किस से कहूँ कि मन डर रहा है! *मैं, मैं, मैं किस से कहूँ!! किस से कहूँ!!*💔🥀

Starring @satveerji

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