एक आवाज़ थी, जो अंधेरों में भी सपने बुनती रही…
जिसने करोड़ों दिलों का दर्द अपने सुर में समेट लिया।
दुनिया आज जिसे पूजती है, कभी वो गुमनामी की गलियों में अपनी पहचान ढूँढ रहा था।
न शोहरत थी, न रौशनी…
बस एक सपना और एक सुर।
ये कहानी है उस सफर की…
जहाँ एक साधारण इंसान अपनी आवाज़ से Superstar बन गया।
नाम है… अरिजीत सिंह।Related
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