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Radhesh Pandey@pandeyradhesMaestro
गले लगाने से पहल ए काम करना था बना लिया उसे अपना तो आजमाना क्या किनारे वाले तो मिलते बिछड़ते रहते हैं अब उनके वास्ते दरिया पर फूल बनाना क्या शकील...

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