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Jita Yadav@jitayadav851Aawaz
मित्र दो ही अच्छे हैं एक कृष्णा जैसा-जो ना लेड़े, फिर भी जीत पक्की कर दें!
और दूसरा कर्ण जैसा-
जो हार सामने हो, फिर भी साथ ना छोड़ेRelated
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