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Sonu@shashi.1547Maestro
कुछ लोग यूँ तोड़ते हैं भरोसा हमारा, भीगे काग़ज़ सा कर देते हैं वजूद हमारा, न कुछ लिखने के काबिल रहते हैं हम, न राख बनने के काबिल रहते हैं हम !! 💔🥀

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