J
Jayanti Jha@jhaj8672Creator
"जिंदगी का भी अपना एक दस्तूर है मियां... इंसान अंदर जाता है अपनी ही बनाई हुई जन्नत का मजा लेने, पर वक्त की एक ऐसी लात पड़ती है कि जन्नत, पल भर में जहन्नुम बन जाती है। सोचा था सुकून के दो पल चुरा लेंगे दुनिया से, पर कमबख्त तकदीर ने वहीं बैठे-बैठे पूरा इतिहास ही बदल दिया।""हम तो गए थे अपनी अंदरूनी आग बुझाने... पर साला वहां तो पूरे सिस्टम में ही आग लग गई!"

Related

View all

Comments

No comments yet.