AAnjana@sarvjitkumarFollowकंपनी में कम करने वाला मजदूर रक्षाबंधन पर घर क्यों नहीं गया RealityHindi32See who reacted (32)RelatedView allSSonu@shashi.1547Maestroआँखें मूँद लेने से मुश्किलें कहाँ मिटती हैं, और जब तक मुश्किल न आए, आँखें कहाँ खुलती हैं...!🫣9h ago43SSambhuAlfaaz@abujhati65Creatorमतलब की दुनिया 💔 मतलब की दुनिया है जनाब, जिस दिन काम खत्म, उस दिन पहचान खत्म। जो कल तक कहते थे “हम तुम्हारे साथ हैं”, आज वही कहते हैं—“हमें याद नहीं।”1d ago87SSonu@shashi.1547Maestroरिश्ते भी नौकरी की तरह हो गए हैं आज कल.........! बेहतर मिलने के साथ ही बदल दिए जाते है.....!! 1d ago350SSambhuAlfaaz@abujhati65Creatorपैसा और रिश्ते 💰🥀 पैसा हो तो रिश्ते हजार मिल जाते हैं, पैसा ना हो तो अपने भी पहचानने से इंकार कर जाते हैं। ये दुनिया है जनाब, यहाँ इंसान नहीं… उसकी औकात देखी जाती है।1d ago170DDILIP Nayak@dilipdilipnaAawazधोखा देने वाला चालाक नहीं मूर्ख होता है वो अपने स्वार्थ के लिए एक अच्छा इंसान खो देता है,,,,2d ago98BBinmayee Sahoo@binmayee2003Aawazभीड़ की तालियों पर मत इतराना ऐ दोस्त, यही दुनिया वक्त आने पर मुँह भी मोड़ लेती है।4d ago108BBinmayee Sahoo@binmayee2003Aawazअजीब है ये दुनिया के दस्तूर भी… गलतियाँ गिनते हैं सब, मजबूरियाँ कोई नहीं समझता।4d ago304CChandra@chandramohanSyahiआज तो हाथका जलता दिया है संभाल के राख़ नहीं तो बुझ जायेगा कल तो चलता सूरज अभी है साम को डूब जाये गा...4d ago222CommentsPostNo comments yet.