Shayarisarkarasim85 presents

নীল আকাশের ক্যানভাসে আজ রঙের মেলা বসে, মেঘের গায়ে আলোর গুঁড়ো ছন্দ হয়ে খসে। অনন্তকাল চলছে খেলা, নেই তো কোনো শেষ, চোখ জুড়িয়ে যায় দেখে এই মায়াবী রূপ-বেশ! ✨🎨

A Shayari by Asim Sarkar

@sarkarasim85 ·

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SatveerMaestro
@satveerji · · Shayari

A satveerji Shayari

💔🥀*मैं किस से कहूँ कि घुट रहा हूँ...* मैं किस से कहूँ कि मुझे कितना दर्द है ! *मैं किस से कहूँ कि हार रहा हूँ...* मैं किस से कहूँ कि थक रहा हूँ! *मैं किस से कहूँ कि आराम चाहिऐ...* मैं किस से कहूँ कि रोना चाहता हूँ! *मैं किस से कहूँ कि मन मर रहा है...* मैं किस से कहूँ कि मन डर रहा है! *मैं, मैं, मैं किस से कहूँ!! किस से कहूँ!!*💔🥀

Starring @satveerji

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