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Jayanti Jha@jhaj8672Creator
रात चाहे कितनी काली हो, मेरा हौसला दीवाली है, दुश्मन तेरी हर चाल पर भारी मेरी तलवार निराली है, तू लहू बहाने चला है, यहाँ मेरी हर साँस मतवाली है।Related
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रात चाहे कितनी काली हो, मेरा हौसला दीवाली है, दुश्मन तेरी हर चाल पर भारी मेरी तलवार निराली है, तू लहू बहाने चला है, यहाँ मेरी हर साँस मतवाली है।No comments yet.