तेरे दीदार की तड़प जब
सीने में जलती है 🌹
तो देखने को ये आँखें
बेचैन सी तरसती हैं,
अब सावन के बादलों का
इंतज़ार कैसा 🌨️
तेरी याद में तो ये पलकें
खुद ही बरसती हैं ....
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सीने में जलती है 🌹
तो देखने को ये आँखें
बेचैन सी तरसती हैं,
अब सावन के बादलों का
इंतज़ार कैसा 🌨️
तेरी याद में तो ये पलकें
खुद ही बरसती हैं ....
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