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SambhuAlfaaz@abujhati65Creator
❤️अपनों में रहकर भी अपनों को ढूँढता हूँ,
साँसों के बीच भी जीने को तरसता हूँ,
खुद से ही अनजान हूँ आज तक मैं,
जी रहा हूँ या बस धड़कनें गिनता हूँ…..!!❤️Related
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साँसों के बीच भी जीने को तरसता हूँ,
खुद से ही अनजान हूँ आज तक मैं,
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