जय हिंद! जय भारत!
आज़ादी सिर्फ एक दिन नहीं, हर उस सपूत की कुर्बानी की गूंज है जिसने इस तिरंगे को ऊंचा रखा।
लहू से सींची इस धरती की मिट्टी में आज भी वीरों की गूंज सुनाई देती है।
गर्व से कहो — हम भारतीय हैं!
आज आज़ाद हूं, इसलिए क्योंकि किसी ने कुर्बानी दी थी।
वन्दे मातरम्!
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