Shayaripari0208 presents

जिसने छोड़ना था, वो छोड़ गया, जिसे निभाना था, वो निभा गया। अब शिकवा किसी से नहीं, बस एक सीख ज़िंदगी से मिली। अपनी क़ीमत पहचानो, जो तुम्हें खो दे, वो तुम्हारे क़ाबिल नहीं था।

A Shayari by pari

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