ShayariPankaj21 presents

एक डर है कि, कोई ज़ख्म ना देख ले, एक ख्वाहिश है कि कोई देखने वाला तो होता अपना....

A Shayari by Pankaj Baleed

@Pankaj21 ·

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@nirmalmaraiy · · Monologue

A nirmalmaraiy Monologue

आज नमी है आज सब कोई गया है नमी का मेला देखने और एक मैं हूं की अपने काम पर बहुत ज्यादा बिजी हूं सभी का दोस्त फैमिली सभी लोग जा रहे हैं एक मैं ही नहीं जा रहा हूं

Starring @nirmalmaraiy

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