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#शराब_पीना_महापाप हुक्का हरदम पीवते, लाल मिलांवे धूर। इसमें संशय है नहीं, जन्म पीछले सूअर।। समाज के व्यक्तियों को देखकर कुछ व्यक्ति हुक्का या अन्य नशीली वस्तुऐं सेवन करने लग जाते हैं। यदि सत्संग सुनकर बुराई त्याग देते हैं तो वे जीव पिछले जन्म में भी मनुष्य थे। उनके अंदर नशे की गहरी लत नहीं बनती। परंतु जो बार-बार सत्संग सुनकर भी तम्बाकू आदि नशे का त्याग नहीं कर पाते, वे पिछले जन्म में सूअर के शरीर में थे। सूअर के शरीर में बदबू (bad smell) सूंघने से तम्बाकू की बदबू पीने-सूंघने की गहरी आदत होती है। वे शीघ्र हुक्का व अन्य नशा नहीं त्याग पाते। वे अपने अनमोल मानव शरीर रूपी लाल को मिट्टी में मिला रहे हैं। उनको अधिक सत्संग सुनने की राय दी जाती है। निराश न हों। सच्चे मन से परमात्मा कबीर जी से नशा छुड़वाने की पुकार प्रार्थना करने से सब नशा छूट जाता है। Sa True Story YouTube

A Shayari by Anita Jangra

@anitajangra ·
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@kumaraurjeet · · Quote

A kumaraurjeet Quote

की अर्ज किया है... सावन गया तो लोग 🌿भोले को भूल गए अब यह सब 9 दिन माता का गुणगान गाएंगे और तुम इंसान होकर किसी से उम्मीद लगाए बैठे हो लोगों की तो छोड़ो भगवान भी समय से बदल जाएंगे... 🌸 राधे राधे 🌸

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@rdeepchandra · · Monologue

A rdeepchandra Monologue

आपसे जितना हो सके अपने जीवन की समस्त परेशानी दुख दर्द को साहस के साथ निपटाते रहे और जहां आप हारने लगेंगे वहां परमात्मा किसी न किसी रूप में आकर आपकी मदद अवश्य करेगा और आपके दोस्त भाई बंधु सारा जमाना किसी से भी मदद की जरा सी भी उम्मीद आशा न रखें धन्यवाद

Starring @rdeepchandra

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