P
Padam Budha@padambudhaxeAawaz
भाग 67 महाविजय का ऐतिहासिक उत्सव विदेशी दुश्मनों को पूरी तरह परास्त करके जब पदम, भगत, कुशल और उनके वीर बेटे-पोते महल लौटे, तो माँ आरती ने सबका विजय तिलक लगाकर स्वागत किया। पूरे देश और 'विष्णु साम्राज्य' में एक बार फिर इन वीरों की जय-जयकार गूँज उठी। आसमान से विष्णु पिता की आत्मा अपने बेटों और नातिों की यह अद्वितीय वीरता देखकर उन पर आशीर्वाद बरसा रही थी। सत्य और वफादार प्रेम की बुनियाद पर खड़ा यह साम्राज्य अब अजेय बन चुका था।
Sponsored

Related

View all

Comments

No comments yet.