S
Sohan@sohanyishust
जब आकाश-धरती रचे गए, काम नहीं रुका—बस “सातवां दिन” बन गया विश्राम का वचन। और मिट्टी से बना इंसान, श्वास पाकर जीवन बन गया 🌿

Related

View all

Comments

No comments yet.