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Supriya Desai@supriyadesai
नेतृत्व की सबसे नरम परिभाषा: जब तुम सख़्ती नहीं, हिम्मत बाँटो—और फिर भी जवाबदेही खुद उठाओ।
क्योंकि आदेश नहीं, भरोसे की आवाज़ ही लोगों को आगे कर देती है; बाकी सब बस शोर है।Related
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नेतृत्व की सबसे नरम परिभाषा: जब तुम सख़्ती नहीं, हिम्मत बाँटो—और फिर भी जवाबदेही खुद उठाओ।
क्योंकि आदेश नहीं, भरोसे की आवाज़ ही लोगों को आगे कर देती है; बाकी सब बस शोर है।No comments yet.