Poetryasiyer4321 presents

रोशन हुआ गुलशन, सुमधुर गीत गूंजने लगे! हुस्न न आती महफ़िल में तो न जाने क्या हो जाता आप जो आए स्वर्ग से उतरकर तो सांसे आखिर मेरी चलने लगी! नज़र न लगे, सामने न आए काया दर्पण के आरसी तो केवल मैं, हक मेरा ही इस हुस्न पर पाया मैंने जिन्हें अनजान रहा जग अबतक उनसे अमानत बस मेरी, संगम है दिलों का इस बंधन में!

A Poetry by Aditya

@asiyer4321 ·

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@jk800231 · · Shayari

A jk800231 Shayari

तुम्हारे होने से ज़िंदगी खूबसूरत है, और तुम्हारे न होने का ख़याल भी दिल को उदास कर देता है। तुमसे मोहब्बत करना मेरी ख़ुशी भी है, और इसी मोहब्बत में छिपी मेरी सबसे गहरी बेबसी भी।”

Starring @jk800231

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